Advertisement
संजय
previous arrow
next arrow
दिल्सन
previous arrow
next arrow

आदित्यपुर : एस-टाइप दुकान विवाद में गरमाई सियासत, चम्पाई सोरेन ने प्रशासन को दिए कार्रवाई के निर्देश; जागृति मैदान में नगर निगम भवन निर्माण पर भी लगी रोक…

By Balram Panda

Updated on:

 

 

आदित्यपुर / Balram Panda : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में हाल के दिनों में चर्चा के केंद्र बने दो बड़े जनहित के मुद्दों—एस-टाइप चौक दुकान तोड़फोड़ प्रकरण और जागृति मैदान में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन निर्माण—पर पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चम्पाई सोरेन के हस्तक्षेप के बाद बड़ा फैसला सामने आया है, एक ओर जहां एस-टाइप चौक के प्रभावित दुकानदारों को न्याय का भरोसा मिला है, वहीं दूसरी ओर जागृति मैदान में प्रशासनिक भवन निर्माण की योजना पर रोक लगने से क्षेत्र के युवाओं, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

Advertisement
Advertisement

एस-टाइप चौक पर दुकानों को तोड़े जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने आदित्यपुर स्थित आयडा सभागार में जिला प्रशासन, नगर निगम, आवास बोर्ड के अधिकारियों और पीड़ित दुकानदारों के साथ बैठक की. बैठक में दुकानदारों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि एक स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा जेसीबी लगाकर उनकी दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे कई परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

Dayal Builder
Srinath

मामले की समीक्षा के दौरान आवास बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि आवास बोर्ड के अधीन है, लेकिन दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई उनकी ओर से नहीं कराई गई थी। इसके बाद चम्पाई सोरेन ने प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, उन्होंने दो टूक कहा कि गरीबों के रोजगार पर चोट और कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी.

Advertisement

इधर, जागृति मैदान में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन निर्माण को लेकर भी चम्पाई सोरेन की पहल निर्णायक साबित हुई। दरअसल, मैदान में भवन निर्माण की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों, युवाओं और नागरिकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। इस मुद्दे को सबसे पहले प्रमुखता से उठाते हुए वार्ड संख्या-27 की पार्षद रिंकी कुमारी ने नगर निगम के मेयर संजय सरदार को पत्र लिखकर जागृति मैदान में प्रशासनिक भवन निर्माण का विरोध किया था तथा इस विषय पर बोर्ड स्तर पर चर्चा की मांग की थी.

पार्षद रिंकी कुमारी की पहल को नगर निगम के कई पार्षदों का समर्थन भी प्राप्त हुआ। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि खेल मैदानों को समाप्त कर विकास कार्य करना उचित नहीं है और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए.

वहीं नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने भी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय को गंभीरता से लिया। मेयर ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को महत्व देते हुए मैदान की उपयोगिता और खेल गतिविधियों के महत्व को स्वीकार किया, इसके बाद पूरे मामले पर सकारात्मक पहल शुरू हुई.

इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने भी सीधे हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट कर दिया कि आदित्यपुर के युवाओं की पहचान और खेल संस्कृति के प्रतीक जागृति मैदान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल मैदान केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों और भविष्य का केंद्र है. युवाओं के भविष्य पर किसी भी कीमत पर ताला नहीं लगने दिया जाएगा.

चम्पाई सोरेन की पहल, पार्षदों की आवाज और मेयर संजय सरदार की सकारात्मक भूमिका के बाद जागृति मैदान में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन निर्माण पर रोक लगा दी गई तथा भवन को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले को क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवाओं की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है.

निर्णय के बाद क्षेत्र में उत्साह का माहौल है, खिलाड़ियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन, मेयर संजय सरदार तथा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाली वार्ड-27 की पार्षद रिंकी कुमारी के प्रति आभार व्यक्त किया है, लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सकारात्मक समन्वय से एक महत्वपूर्ण खेल मैदान सुरक्षित रह सका, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलेगा.

अब जागृति मैदान के सौंदर्यीकरण, खेल सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत संरचनाओं के विकास की दिशा में भी पहल शुरू की जा रही है, क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह मैदान आदित्यपुर के खिलाड़ियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक एवं बेहतर खेल केंद्र के रूप में विकसित होगा.

ताजा खबरें

WhatsApp