जनसंवाद, जमशेदपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोना देवी विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के छठे दिन विद्यार्थियों में उत्साह, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एवं स्कूल ऑफ फार्मेसी के छात्र-छात्राओं ने जैविक खाद निर्माण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान रिया परीछा, साध्वी कुमारी, रीमा मनकी, कौशलेन्द्र कुमार यादव, जयदेव दास, मोहम्मद रेहान आलम, मोहम्मद शमीर, निलय गोराई और सायन महतो सहित कई विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से जैविक खाद तैयार कर प्रकृति को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उत्साह ने पूरे कार्यक्रम को प्रेरणादायी बना दिया।
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद का उपयोग भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे, तभी भविष्य सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रकृति हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। उन्होंने वृक्षारोपण, जैविक खेती और स्वच्छता जैसे छोटे प्रयासों को भविष्य के बड़े बदलाव की नींव बताया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री सोनल कुमारी, सदफ जिया और राहुल कुमार साव का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता और सकारात्मक सोच का संचार किया।
















