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श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने मलेशिया की सेगी यूनिवर्सिटी से किया समझौता, छात्रों को मिलेंगे वैश्विक अवसर

By Goutam

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जनसंवाद, जमशेदपुर। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने मलेशिया की प्रतिष्ठित सेगी यूनिवर्सिटी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। यह समझौता छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, शोध एवं अकादमिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।

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एमओयू पर श्रीनाथ विश्वविद्यालय के डायरेक्टर (इंटरनेशनल अफेयर्स) डॉ. जे. राजेश तथा सेगी यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. डॉ. मारियानी एमडी नोर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सेगी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग, बिल्ट एनवायरनमेंट एंड आईटी के डीन एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोए लिप कीन सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद और अधिकारी उपस्थित रहे।

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इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में श्रीनाथ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व डॉ. जे. राजेश और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष श्री शशिकांत सिंह ने किया। दोनों प्रतिनिधि विशेष रूप से इस समझौता समारोह में भाग लेने के लिए मलेशिया पहुंचे थे।

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समझौते के तहत दोनों संस्थान ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम, फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, एक सेमेस्टर के अंतरराष्ट्रीय अध्ययन अवसर, संयुक्त शोध परियोजनाएं तथा शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे।

विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करने, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभवों से जोड़ने तथा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे छात्रों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी वृद्धि होगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह समझौता श्रीनाथ विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीयकरण की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह सहयोग न केवल छात्रों और शिक्षकों के समग्र विकास में सहायक होगा, बल्कि विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

श्रीनाथ विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इसे संस्थान के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि भविष्य में दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शोध, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, कार्यशालाएं और विभिन्न अकादमिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।

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