जनसंवाद, जमशेदपुर। श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग ने लोक अध्ययन (फोकलोर स्टडीज़) के क्षेत्र में शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेंटर फॉर फोकलोर स्टडीज़ एंड रिसर्च (CFSR), कोलकाता के साथ एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह साझेदारी लोक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और शोध गतिविधियों को नई दिशा देगी।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाएं, शैक्षणिक आदान-प्रदान, सेमिनार, कार्यशालाएं, सम्मेलन, संयुक्त प्रकाशन तथा भारत की समृद्ध लोक परंपराओं के दस्तावेजीकरण के क्षेत्र में मिलकर कार्य करेंगे। इसके साथ ही अंतर्विषयक शोध को बढ़ावा देने और स्वदेशी ज्ञान परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सेंटर फॉर फोकलोर स्टडीज़ एंड रिसर्च (CFSR) की ओर से देबोलीना ठाकुरता और सोनू साह ने प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक संबंधों को मजबूत बनाने और लोक अध्ययन को सांस्कृतिक एवं साहित्यिक शोध के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. याह्या मजूमदार, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. जे. राजेश, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोरथ दास तथा विभाग के संकाय सदस्य डॉ. बिस्वजीत मंडल, शिबानी गोराई, शालिनी ओझा और धीमान रॉय उपस्थित रहे। सभी ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे शोध, नवाचार और भारत की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को नई गति मिलेगी।
विश्वविद्यालय और CFSR ने इसे लोक अध्ययन के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध सहयोग और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम का समापन एमओयू के औपचारिक आदान-प्रदान और भविष्य की संयुक्त शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा के साथ हुआ।

















