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आदित्यपुर : मां-बाप की आंखों से छलक पड़े खुशी के आंसू, जनसंवाद 24 की खबर के बाद मिला लापता बेटा, आदित्यपुर पुलिस ने सकुशल कराया परिवार से मिलन…

By Balram Panda

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आदित्यपुर / Balram Panda : ईएसआईसी अस्पताल के समीप मिले लापता बच्चे को लेकर प्रसारित जनसंवाद 24 की खबर का त्वरित और सकारात्मक असर देखने को मिला. खबर प्रकाशित होने के महज कुछ घंटों के भीतर बच्चे के परिजनों ने आदित्यपुर थाना से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया. बच्चे के अपने परिवार से मिलते ही परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई और पूरे परिवार में राहत की लहर दौड़ गई.

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जानकारी के अनुसार बच्चे के पिता शंकर हांसदा हैं, जो मूल रूप से गम्हरिया थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव के निवासी हैं. वर्तमान में उनका परिवार आरआईटी थाना क्षेत्र अंतर्गत मिरूडीह नया बस्ती में निवास कर रहा है. बच्चे के लापता होने की सूचना और उसकी तस्वीर समाचार माध्यमों एवं पुलिस की अपील के जरिए सामने आने के बाद परिजनों को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद वे तत्काल आदित्यपुर थाना पहुंचे और बच्चे की पहचान की पुष्टि की.

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गौरतलब है कि बच्चा अपनी पहचान स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ था, वह न तो अपना नाम-पता बता पा रहा था और न ही परिवार के बारे में कोई ठोस जानकारी दे पा रहा था, ऐसे में उसकी पहचान स्थापित करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था, सूचना मिलने पर आदित्यपुर थाना पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित रखा और उसके परिजनों की तलाश के लिए लगातार प्रयास शुरू कर दिए थे.

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थाना प्रभारी बिनोद कुमार तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए बच्चे की पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम किया, पुलिस की अपील और मीडिया के सहयोग से आखिरकार बच्चे के परिजन तक सूचना पहुंची और कुछ ही घंटों में परिवार का पुनर्मिलन संभव हो सका.

थाना परिसर में बच्चे को सुरक्षित देखकर माता-पिता भावुक हो उठे, परिजनों ने आदित्यपुर थाना पुलिस, थाना प्रभारी बिनोद कुमार तिर्की, जनसंवाद 24 तथा उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने में सहयोग किया, उन्होंने कहा कि समय पर मिली सूचना और पुलिस की सक्रियता के कारण उनका बच्चा सुरक्षित वापस मिल सका.

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस, मीडिया और समाज के सामूहिक प्रयास से मानवता की मिसाल कायम की जा सकती है, समय पर साझा की गई एक छोटी-सी सूचना भी किसी बिछड़े बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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