जनसंवाद, जमशेदपुर। नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में दीपावली से पूर्व आयोजित ‘उज्ज्वला महोत्सव’ हर्षोल्लास और सांस्कृतिक रंगों के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक समिति के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। 16 से अधिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
16 से अधिक प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा
महोत्सव के दौरान एथनिक रैंप वॉक, एकल एवं समूह नृत्य, एकल एवं समूह गायन, फायरलेस कुकिंग, रंगोली निर्माण, स्किट, बिजनेस आइडिया प्रेजेंटेशन, मेहंदी, स्केचिंग, एक्सटेम्पोर, डिबेट, स्टैंडअप कॉमेडी और स्पेलिंग कॉम्बैट सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास, मंचीय कौशल और टीम भावना का प्रदर्शन किया। एथनिक रैंप वॉक में भारतीय पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। वहीं, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा सामने आई। फायरलेस कुकिंग और बिजनेस आइडिया प्रेजेंटेशन ने व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और उद्यमशीलता की सोच को मंच प्रदान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण ने बढ़ाया उत्साह
प्रतियोगिताओं के बाद विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत और अन्य मनोरंजक प्रस्तुतियों से समां बांधा। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सर्वांगीण विकास का मंच है उज्ज्वला महोत्सव : मदन मोहन सिंह
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि उज्ज्वला महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण मंच है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों को प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करता रहेगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि महोत्सव में 500 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी बताती है कि विद्यार्थी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक और व्यावहारिक क्षेत्रों में भी रुचि रखते हैं। 16 से अधिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और निखारने का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण मिले, जहां उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले और वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
कार्यक्रम में कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक सलाहकार प्रो. दिलीप शोम, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. गरिमा सिंह, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार, डीन एकेडमिक अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और शिक्षक उपस्थित रहे।
दीपावली से पूर्व आयोजित इस महोत्सव ने विद्यार्थियों के बीच उत्सव, एकता, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।

















