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जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला-खरसावां द्वारा धरमडीह में मनाया गया विश्व ब्रेल दिवस, दृष्टिबाधितों के अधिकारों पर दी गई जानकारी

By Goutam

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जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला-खरसावां के निर्देशन में खरसावां प्रखंड के धरमडीह गांव में विश्व ब्रेल दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों और उपस्थित लोगों को ब्रेल लिपि के महत्व तथा दृष्टिबाधित एवं कम दृष्टि वाले व्यक्तियों के लिए इसके उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई।

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कार्यक्रम के दौरान यह बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा शिक्षा, संचार और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में दृष्टिबाधित व्यक्तियों को समान अवसर और सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ब्रेल लिपि को एक सशक्त माध्यम के रूप में मान्यता दी गई है। ब्रेल लिपि नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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मौके पर उपस्थित पीएलवी डाकेश्वर प्रधान ने कहा कि ब्रेल लिपि आज पूरी दुनिया में नेत्रहीनों की शिक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ब्रेल केवल पढ़ने-लिखने की लिपि नहीं, बल्कि समावेशी समाज की पहचान और मानव गरिमा का प्रतीक है। यह अंधकार में ज्ञान का प्रकाश है और शिक्षा के साथ-साथ सशक्तिकरण का एक मजबूत औजार भी है।

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इस जागरूकता कार्यक्रम में पीएलवी डाकेश्वर प्रधान के साथ दिनेश कुंभकार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में दृष्टिबाधित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और उन्हें समान अधिकार व अवसर दिलाने के प्रति जागरूक करना रहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला-खरसावां द्वारा धरमडीह गांव में विश्व ब्रेल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में ब्रेल लिपि के महत्व और दृष्टिबाधितों के अधिकारों पर जागरूकता दी गई।

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