आदित्यपुर / Balram Panda: ग्लोरिया इंजीनियरिंग कंपनी में गैस सिलेंडर विस्फोट की घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और कंपनी प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं, हादसे में घायल मजदूरों से मिलने गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य एवं वरिष्ठ नेता गणेश महाली टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुंचे, उन्होंने घायलों का हालचाल जाना, परिजनों से बातचीत की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गणेश महाली ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों के पालन और कंपनी प्रबंधन की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है, उन्होंने कहा कि यदि जांच में सुरक्षा उपकरणों की कमी, गैस सिलेंडर के रखरखाव में लापरवाही अथवा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि हादसे की वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
गणेश महाली ने मांग की कि सभी घायलों का उच्चस्तरीय और पूर्णतः निशुल्क इलाज कराया जाए, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर के आश्रितों को उचित मुआवजा, नियमानुसार अन्य वैधानिक लाभ तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल मजदूरों को भी उनकी स्थिति के अनुरूप आर्थिक सहायता और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं तत्काल दी जाएं.
उन्होंने कहा कि उद्योगों की प्रगति मजदूरों के श्रम पर टिकी है, इसलिए उनकी सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता, यदि किसी स्तर पर कंपनी प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह बनाया जाना चाहिए. उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा मजदूरों के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर हर स्तर पर उनके साथ खड़ा रहेगा.

















