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केप टाउन पहुंचे खरसावां विधायक दशरथ गागराई, 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में हुए शामिल

By Goutam

Published on:

 

दशरथ गागराई राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन
 

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के नेतृत्व में खरसावां विधायक दशरथ गागराई और टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (69th Commonwealth Parliamentary Conference) में शामिल हुए। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के सांसदों और विधायकों के साथ लोकतंत्र, सुशासन, सतत विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा हो रही है।

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CPA झारखंड प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं दशरथ गागराई

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विधायक दशरथ गागराई CPA झारखंड शाखा के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के जनप्रतिनिधियों को साझा मंच मिला है, जहां वे अपने-अपने देशों और राज्यों की विकास योजनाओं, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं से जुड़े अनुभव साझा कर रहे हैं।

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लोकतंत्र और सुशासन समेत कई मुद्दों पर चर्चा

केप टाउन में आयोजित सम्मेलन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल शासन और सतत विकास लक्ष्यों जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।

इसके साथ ही विभिन्न देशों में अपनाई जा रही नीतियों, संसदीय प्रक्रियाओं और विकास के तरीकों को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान हो रहा है।

खरसावां के विकास के लिए सीख लेने की बात

सम्मेलन में भाग लेते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंचों से विभिन्न देशों की संसदीय कार्यप्रणाली को समझने और जनहित से जुड़ी नीतियों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि झारखंड और विशेष रूप से खरसावां क्षेत्र के विकास के लिए विश्व स्तर पर अपनाई जा रही सफल योजनाओं और नवाचारों से सीख लेकर उन्हें स्थानीय स्तर पर लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

भारतीय लोकतंत्र को लेकर कही यह बात

दशरथ गागराई ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और भारतीय लोकतंत्र की मजबूती पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है। राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के बीच सहयोग को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

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