सरायकेला / Balram Panda : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की टिप्पणी को लेकर झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। झामुमो ने योगेंद्र साव के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार के खिलाफ बताया है, सरायकेला-खरसावां झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने दो टूक कहा है कि मुख्यमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती.
डॉ. महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की संवैधानिक व्यवस्था और जनता के जनादेश का प्रतिनिधित्व करता है, सरकार के किसी फैसले से असहमति है तो उसका विरोध लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा राजनीतिक संवाद की गरिमा को चोट पहुंचाती है.
झामुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार चल रही है, ऐसे में गठबंधन के ही एक वरिष्ठ नेता द्वारा मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में असहजता पैदा की है, उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व से मामले का संज्ञान लेने और पार्टी स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की.

डॉ. शुभेंदु महतो ने साफ कहा कि योगेंद्र साव अपने बयान को वापस लें और मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो झामुमो लोकतांत्रिक और कानूनी स्तर पर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा,
इस पूरे विवाद के बीच अब निगाहें कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर हैं, मामले ने सत्ता गठबंधन के भीतर बयानबाजी और राजनीतिक अनुशासन को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। इस दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, कृष्ण राणा और अमिताभ मुखर्जी मौजूद रहे.

















