जमशेदपुर / Balram Panda : अतीत के विवादों से अलग अपनी पहचान को नया स्वरूप देने की कोशिश में जुटे सागर लोहार ने नवरात्र के अवसर पर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करने का प्रयास किया. सरायकेला-खरसावां जिले से जुड़े सागर लोहार अपने पुराने विवादों और आपराधिक मामलों के आरोपों के कारण चर्चा में रहे हैं, अब उन्होंने जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की पहल की है.
जमशेदपुर के पटेल ग्राम स्थित चेशर होम में सागर लोहार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों, बुजुर्ग महिलाओं और अन्य जरूरतमंदों को पूड़ी-सब्जी, फल तथा खाद्य सामग्री वितरित की गई, बच्चों को अपने हाथों से भोजन कराकर और उनके साथ समय बिताकर उन्होंने नवरात्र की खुशियों को उन लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया, जिन्हें अक्सर सामाजिक आयोजनों में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता, जेल से बाहर आने के बाद चेशर होम में उनकी यह दूसरी पहल बताई गई है.
इस अवसर पर सागर लोहार ने अपने भविष्य की दिशा स्पष्ट करते हुए कहा कि वह बीते अनुभवों से सीख लेकर समाज के लिए सकारात्मक काम करना चाहते हैं, उन्होंने जरूरतमंद परिवारों की सहायता, गरीब बच्चों की पढ़ाई और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई.
उन्होंने आगामी दिनों में रक्तदान शिविर लगाने, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को किताब-कॉपी उपलब्ध कराने और उनकी शिक्षा में सहयोग देने की योजना भी सामने रखी, उनका कहना है कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल बातों से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयासों से निभाई जाती है.
चेशर होम की सिस्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए सागर लोहार को आशीर्वाद दिया, इस कार्यक्रम को उनके सामाजिक जीवन में सकारात्मक पहल और समाज से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, कार्यक्रम में सूरज प्रसाद, मक्खन सिंह, संजय सिंह, सोनू सिंह, मोंटू सिंह, रोहित कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित रहे.

















