जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): खरसावां। खरसावां थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्र रायजामा में पुलिस प्रशासन की ओर से सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न गांवों की फुटबॉल टीमों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा एवं सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गीयारी शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।
इस अवसर पर डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय एवं मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना है। पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विकास और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सुदूरवर्ती ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान की दिशा में पहल करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि खेलकूद युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास का बेहतर माध्यम है। फुटबॉल जैसे खेलों से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना,आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें उचित अवसर और मंच प्रदान करने की। सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस प्रशासन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
डीआईजी ने अफीम की अवैध खेती नहीं करने के साथ युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। युवा देश और समाज का भविष्य हैं। उन्हें अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए। नशे की लत से दूर रहकर ही एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा और खेल के प्रति प्रोत्साहित करें तथा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर आगे आएं।
वहीं एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होना बेहद जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य लोगों के मन से पुलिस के प्रति दूरी और झिझक को दूर करना है। पुलिस प्रशासन हमेशा आम लोगों की सुरक्षा,सहयोग और सेवा के लिए तत्पर है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को खेल के माध्यम से सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है,ताकि वे गलत संगति और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रह सकें।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों के बीच फुटबॉल जर्सी, ट्रॉफी एवं विभिन्न खेल सामग्री का वितरण किया। वहीं क्षेत्र के स्कूली बच्चों के बीच पुस्तक, कॉपी, कलम,पेंसिल सहित अन्य पाठ्य सामग्री व धोती साड़ी खाद्य सामग्री वितरित की गई। शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
अधिकारियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने,मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्र में इस तरह के आयोजन से युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही पुलिस पदाधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होने से पुलिस और ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत होता है।
फुटबॉल प्रतियोगिता के आयोजन से रायजामा एवं आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण,युवा और खेल प्रेमी कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस प्रशासन की ओर से खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ-साथ बच्चों को शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
इस सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को यह संदेश दिया कि पुलिस और जनता एक-दूसरे के सहयोगी हैं। आपसी विश्वास, सहयोग,शिक्षा,खेल और नशामुक्त समाज के संकल्प से ही क्षेत्र में शांति,सुरक्षा और विकास का मजबूत वातावरण तैयार किया जा सकता है।
इस दौरान मुख्य रूप से डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी मनोज स्वर्गीयारी, Dy sp दुसरू बानसिंग, राजेश टुडू, खरसावां थाना प्रभारी राहुल सिंह, सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार, कुचाई थाना प्रभारी रविन्द्र मुंडा, दलभंगा ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा, आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान, मुखिया मंगल सिंह मुंडा, ग्राम मुंडा गोपाल चंद्र मुंडा सहित ग्रामीण व पुलिस प्रशासन उपस्थित थे।

















