होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
03 (29)
previous arrow
next arrow

 

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष जयंती व सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन, देशभक्ति और ज्ञान का संगम

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

02 (50)
previous arrow
next arrow

जनसंवाद, जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में 23 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में भव्य रूप से मनाई गई। यह दिन विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक मूल्यों के समन्वय का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित श्रद्धांजलि सभा से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति को नमन किया। इस अवसर पर नेताजी के आत्मनिर्भर भारत, अनुशासन और बलिदान के आदर्शों पर विशेष प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री एम. एम. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायक नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता थे, जिनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा के इस पावन अवसर पर ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव से युक्त शिक्षा प्रणाली के निर्माण का संकल्प और मजबूत होता है।

सरस्वती पूजा के लिए विश्वविद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चारण, भक्तिमय संगीत और पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न हुई। विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और मां सरस्वती से विद्या, सृजनात्मकता एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में प्रदर्शित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘प्रतिमा’ रही, जिसमें पत्रकारिता, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक चेतना से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस फिल्म ने छात्रों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा दी।

पूरे दिन विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शैक्षणिक उत्साह से सराबोर रहा। यह आयोजन न केवल नेताजी के विचारों को स्मरण करने का अवसर बना, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी मजबूत करता नजर आया।

 

Leave a Comment