आदित्यपुर / Balram Panda: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित पम्मी धर्मकांटा के पास हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कंटेनर चालक की मौत के मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जियाडा प्रशासन हरकत में आ गया है, घटना और उससे जुड़े अतिक्रमण के आरोपों को लेकर जनसंवाद24 द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद सोमवार को जियाडा की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया, जांच में नाले के ऊपर ब्लॉक बिछाकर अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि होने पर पम्मी धर्मकांटा संचालक को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है.
जियाडा के उपनिदेशक दिनेश रंजन ने बताया कि संबंधित स्थल की जांच पूर्व में भी कराई गई थी, जांच में नाले पर अवैध रूप से ब्लॉक बिछाकर कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई थी. इस संबंध में संचालक को दो बार नोटिस भी जारी किया गया था. नोटिस के जवाब में अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो जियाडा द्वारा विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
उपनिदेशक ने बताया कि आवंटित भूमि की सीमा और वास्तविक उपयोग किए जा रहे क्षेत्र की भी जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि नाले के ऊपर ब्लॉक बिछाकर सार्वजनिक संपत्ति का अतिक्रमण किया गया है. वहीं आवंटन से अधिक भूमि उपयोग किए जाने की शिकायतों की भी पड़ताल की जा रही है.
जियाडा प्रशासन को परिसर के आसपास अवैध पार्किंग संचालन की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं, इस पर उपनिदेशक ने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी, यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित पक्ष से जवाब मांगा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व एक लॉजिस्टिक कंटेनर वाहन वजन कराने के लिए धर्मकांटा पहुंचा था, इसी दौरान वाहन हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया था, जिससे चालक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि नाले पर किए गए अतिक्रमण और भूमि के कृत्रिम उठाव के कारण बिजली तार और भारी वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी कम हो गई थी, जिसके चलते चालक को अपनी जान गंवानी पड़ी.
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने धर्मकांटा संचालक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। लोगों का आरोप था कि अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से स्थिति गंभीर होती चली गई, वहीं खबर सामने आने और जांच शुरू होने के बाद कुछ स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने की भी शिकायतें सामने आई हैं, हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
सूत्रों के अनुसार पम्मी धर्मकांटा को लगभग 4350 वर्ग फुट भूमि आवंटित की गई थी, जबकि करीब 2000 वर्ग फुट से अधिक अतिरिक्त भूमि पर कब्जा किए जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन और जियाडा की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं, चालक की मौत के बाद उठे सवालों के बीच अब लोगों को उम्मीद है कि अतिक्रमण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संभावित प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही मृत चालक के परिजनों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी तेज हो गई है.


















