जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड अंतर्गत दलभंगा ओपी क्षेत्र के गुडगुदिरी गांव में अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया। दलभंगा ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा के नेतृत्व में आयोजित आमसभा में ग्रामीणों को अफीम की खेती के कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों से वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने की अपील की गई।
अफीम की खेती करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
आमसभा में पुलिस पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि अफीम की अवैध खेती, उत्पादन और कारोबार कानूनन अपराध है। इसमें शामिल लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने ग्रामीणों से किसी के बहकावे या आर्थिक लालच में आकर अवैध खेती नहीं करने की अपील की।
धान, मक्का और सब्जियों की खेती अपनाने पर जोर
दलभंगा ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा ने कहा कि अफीम की खेती से होने वाली कमाई के लालच में युवाओं को अपना भविष्य दांव पर नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से धान, मक्का, दलहन, तिलहन और सब्जियों जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती के जरिए सम्मानजनक आजीविका हासिल करने के लिए वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना जरूरी है।
अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील
पुलिस ने ग्रामीणों को बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का संदेश दिया। साथ ही आसपास अफीम की अवैध खेती या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की।
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों की भागीदारी से ही अवैध खेती पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल सकती है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को कानून के प्रति जागरूक करना, नशे के अवैध कारोबार से दूर रखना और वैकल्पिक आजीविका के प्रति प्रेरित करना था।

















