Advertisement

भुइयांडीह व उससे सटे बस्तियों के 150 घरों को तोड़ने की नोटिस देने पर डॉ. अजय ने कहा- भाजपा मानसिकता से कार्य ना करे अधिकारी 

By Goutam

Published on:

डॉ. अजय कुमार

जनसंवाद, जमशेदपुर : जिला के अधिकारी भाजपा मानसिकता से कार्य ना करें, यह बातें पूर्व सांसद सह कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बयान जारी कर कही। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सह पर अधिकारी झारखंड की इंडिया गठबंधन की सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे है। उनकी साजिश नाकाम होगी और साजिश करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

Advertisement
Advertisement

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है की वे इस मामले में कानून विशेषज्ञों से बात करेंगे। भुइयांडीह व उससे सटे कल्याण नगर, इंदिरा नगर एवं छाया नगर के एक भी घर नही टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां झारखंड की जेएमएम और कांग्रेस की गठबंधन सरकार महिला, युवा सहित आम लोगों को जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही। इंडिया गठबंधन की सफलता से विपक्षी परेशान है। एक साजिश के तहत सरकार को बदनाम करने और सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने के उद्देश्य से प्रयास किया जा रहा है।

Dayal Builder
Srinath

उन्होंने कहा कि जमशेदपुर अंचल अधिकारी द्वारा सीतारामडेरा थाना अंतर्गत भुइयांडीह व उससे सटे कल्याण नगर, इंदिरा नगर एवं छाया नगर सहित नदी किनारे बने 150 घरों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किया गया। जिससे लोगों में भय व्याप्त है। हालांकि एनजीटी द्वारा किस आधार पर यह आदेश दिया गया है। इस संबंध में उनके पास तथ्य परक जवाब नहीं है।

Advertisement

डॉ अजय ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी मिलते ही मैने शनिवार को मुख्यमंत्री से पत्र लिख कर फोन से बात की और इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वत किया की इंडिया गठबधन की सरकार के रहते किसी गरीब का घर नही उजड़ने दिया जायेगा। वहीं जब मैंने इस संबंध में संबंधित जिला प्रशासन कार्यालय से बात की, तो उन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्य़ूनल (NGT) के आदेश पर 150 घरों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस दिया गया है। लेकिन यह पूछे जाने पर की एनजीटी ने किस आधार पर यह आदेश दिया है तो अधिकारी कोई तथ्य परक एवम् संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए जिससे इस पूरे मामले में संदेह उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

डॉ अजय ने उपायुक्त को पत्र लिख कर कुछ सवाल के जवाब मांगे हैं। जिससे एनजीटी द्वारा जारी आदेश के आधार को समझा जा सके ताकि आगे की कारवाई के लिए पहल की जा सके। कुछ सवाल है जिनके जवाब से यह पूरा मामला साफ हो जाएगा।

*नेशनल ग्रीन ट्रिब्य़ूनल (NGT) के आदेश पर जल संसाधन विभाग, मानगो नगर निगम, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति और जिला प्रशासन का एक संयुक्त सर्वेक्षण किस आधार पर हुआ?
* क्या NGT टीम ने जमशेदपुर में इन क्षेत्रों के लिए नदी सीमा को परिभाषित किया है, यदि हां, तो ऐसी अधिसूचना की एक प्रति दिखाई जानी चाहिए।
“इन क्षेत्रों के लोगों को नोटिस जारी करने के लिए NGT के सभी नियम/मानक हमें उपलब्ध कराए।

उन्होंने कहा कि नोटिस जारी करने वाले अंचल कार्यालय के अधिकारी इस मुद्दे पर उचित उत्तर क्यों नहीं दे पा रहे हैं? ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये सब गरीब और मध्यम वर्ग को परेशान करने वाले कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत है जो आज भी भाजपा की मानसिकता के अनुरूप काम कर रहे हैं तथा हमारी सरकार को बदनाम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि डॉ. अजय कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी एवं बस्ती वासियों से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया था की एक भी घर नही टूटने दिया जाएगा।

ताजा खबरें

WhatsApp