जनसंवाद, जमशेदपुर। जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, सफाईकर्मियों की समस्याओं और जेएनएसी की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की प्राथमिकता शहर को स्वच्छ रखना नहीं, बल्कि पार्किंग शुल्क की वसूली बनकर रह गई है, जबकि कदमा, सोनारी, मानगो सहित शहर के कई हिस्सों में गंदगी, जलजमाव और जाम नालियों से लोग परेशान हैं।
सौरभ विष्णु ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाईकर्मी ही सबसे अधिक उपेक्षा और शोषण का शिकार हैं। उनका आरोप है कि नालों की सफाई और कचरा उठाने का जोखिम भरा कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन और उनके श्रम के अनुरूप उचित मजदूरी नहीं मिल रही है। इसी कारण उन्हें कई बार आंदोलन और हड़ताल का सहारा लेना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि सफाई व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सफाईकर्मियों के साथ ही अन्याय होगा तो शहर की सफाई व्यवस्था कभी बेहतर नहीं हो सकती। उन्होंने प्रशासन से सफाईकर्मियों को समय पर वेतन, उचित मजदूरी, सुरक्षा उपकरण, बीमा और अन्य श्रमिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
सौरभ विष्णु ने कहा कि हाल की बारिश ने नगर निकायों के दावों की पोल खोल दी है। उनके अनुसार कदमा और सोनारी की सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि मानगो नगर निगम क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होने से अधिकांश नाले और नालियां कचरे एवं गाद से भर चुके हैं। कई स्थानों पर गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर वर्ष नालों की सफाई, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं तो हर बारिश में शहर की स्थिति क्यों बिगड़ जाती है। उन्होंने इस पर जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
जन विकास मंच के प्रमुख ने जिला प्रशासन से पूरे शहर में युद्धस्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाने, नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराने, नियमित कचरा उठाव सुनिश्चित करने और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे शहर को गंदगी और संक्रामक बीमारियों के खतरे से बचाया जा सकेगा।

















