सरायकेला : अतीत को पीछे छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की कोशिश कर रहे सागर लोहार ने अब जिला प्रशासन से सहयोग की उम्मीद जताई है, उनका कहना है कि वह अपने पुराने जीवन से आगे बढ़कर खुद को समाजसेवा के लिए समर्पित कर चुके हैं और प्रशासन के समक्ष रहकर सकारात्मक सामाजिक भूमिका निभाना चाहते हैं.
सागर लोहार का कहना है कि समाज में कई ऐसे लोग भी हैं, जिनके खिलाफ कानूनी मामले लंबित हैं और कुछ मामलों में अदालतों से राहत नहीं मिलने के बावजूद वे खुलेआम घूम रहे हैं, हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, उनका सवाल है कि जब वह स्वयं मुख्यधारा में लौटने और समाजसेवा के जरिए अपनी नई भूमिका बनाने की इच्छा जता रहे हैं, तो क्या उन्हें जिला प्रशासन से सहयोग और अवसर की उम्मीद नहीं करनी चाहिए?
इसी बीच उनका आरोप है कि कुछ लोग उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके संबंध में जिला प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का बयान सामने नहीं आया है.
सागर लोहार का कहना है कि वह प्रशासन से किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने वर्तमान प्रयासों को निष्पक्ष तरीके से देखने और समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने का अवसर चाहते हैं।
अब पूरा मामला जिला प्रशासन के रुख पर टिका है, प्रशासन सागर लोहार के वर्तमान प्रयासों, उनके अतीत और समाजसेवा में उनकी प्रस्तावित भूमिका को किस तरह देखता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा.
सागर लोहार का सवाल सीधा है—“मैं मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं, खुद को समाजसेवा के लिए समर्पित कर चुका हूं, तो क्या मुझे जिला प्रशासन से सहयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए?” अब इस सवाल का जवाब प्रशासनिक कार्रवाई और आने वाले निर्णय से मिलेगा.

















