होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

Provider 1 Provider 2

---Advertisement---

[smartslider3 slider="9"]

[smartslider3 slider="8"]

 

 

सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर सीएम हेमंत सोरेन संग विधायक दशरथ गागराई ने किया नमन, जल-जंगल-जमीन के अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

[smartslider3 slider="10"]

[smartslider3 slider="7"]

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित ऐतिहासिक सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने अमर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर कोल्हान क्षेत्र के गौरवशाली आदिवासी इतिहास और जल-जंगल-जमीन के लिए दिए गए बलिदानों को भावपूर्ण स्मरण किया गया।

Provider 1 Provider 2

विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि “भगवान बिरसा मुंडा से लेकर गुवा और खरसावां के शहीदों तक, हमारे पुरखों ने अपनी माटी, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सेरेंगसिया की धरती आदिवासी अस्मिता और साहस का जीवंत प्रतीक है।”

Provider 1 Provider 2

उन्होंने कहा कि वर्ष 1837 में पोटो हो के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ सेरेंगसिया में लड़ा गया ऐतिहासिक विद्रोह और उसमें शहीद हुए 26 आदिवासी वीर, अन्याय और गुलामी के विरुद्ध संघर्ष की अद्वितीय मिसाल हैं। इन वीरों ने आत्मसमर्पण स्वीकार करने के बजाय मातृभूमि के लिए बलिदान देना बेहतर समझा।

विधायक गागराई ने कहा कि हर वर्ष 2 फरवरी को शहीद दिवस के रूप में सेरेंगसिया घाटी में इन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जो स्थानीय निवासियों, विशेषकर युवाओं को अपने अधिकारों के लिए निडर होकर खड़े होने, अपनी संस्कृति और माटी से प्रेम करने की प्रेरणा देती है। यह संघर्ष केवल इतिहास नहीं, बल्कि कोल्हान की आदिवासी पहचान, स्वशासन और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का प्रतीक है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में सेरेंगसिया शहीद स्मारक केवल श्रद्धांजलि स्थल नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा आदिवासी सशक्तिकरण, सम्मान और विकास के प्रतीक के रूप में भी रेखांकित किया जा रहा है।

इस अवसर पर मंत्री दीपक विरुवा, सांसद जोबा माझी, विधायक समीर महांती, विधायक संजीव सरदार, विधायक सुखराम उरांव, विधायक सोनाराम सिंकू, विधायक सविता महतो, विधायक जगत माझी, विधायक निरल पुरती सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सेरेंगसिया घाटी का यह बलिदान दिवस झारखंड के आदिवासी इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है, जो हर वर्ष हमें हमारे वीर पुरखों के त्याग, संघर्ष और स्वाभिमान की याद दिलाता है।

 

---Advertisement--- 

 

Leave a Comment