जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने झारखंड विधानसभा में तसर उद्योग को पुनर्जीवित करने और किसानों को राहत देने के लिए विशेष पैकेज (स्पेशल पैकेज) की मांग उठाई। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राज्य के कुल तसर उत्पादन का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा कोल्हान प्रमंडल से आता है, जहां बड़ी संख्या में किसान इस उद्योग से जुड़े हैं।
विधायक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में झारखंड में तसर उत्पादन में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। तसर उद्योग से जुड़े कई सामान्य सुविधा केंद्र (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) बंद हो चुके हैं, जिससे उत्पादन और विपणन दोनों प्रभावित हुए हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और तसर किसानों की आय में कमी आई है।
उन्होंने विशेष रूप से सरायकेला-खरसावां जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तसर की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है। उत्पादन में गिरावट के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों को तकनीकी सहायता, गुणवत्तापूर्ण बीज, प्रशिक्षण और बाज़ार उपलब्धता की आवश्यकता है।
दशरथ गागराई ने कहा कि यदि सरकार तसर उद्योग के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था करती है तो इससे न केवल किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि तसर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और विपणन समर्थन की समग्र योजना लागू की जाए।
विधायक ने आसन के माध्यम से सरकार से मांग की कि तसर उद्योग को प्राथमिकता देते हुए कोल्हान क्षेत्र के किसानों के हित में शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि पारंपरिक रेशम उद्योग को पुनः गति मिल सके।





















