Advertisement

परिवारवाद और वंशवाद उखाड़ फेंकने के लिए जनता है तैयार, 30 सालों में जमशेदपुर पूर्वी को क्या मिला,यह हिसाब मांगने का है यह अवसर: शिव शंकर सिंह

By Goutam

Published on:

शिव शंकर सिंह

जनसंवाद, जमशेदपुर : यह चुनाव जमशेदपुर के भविष्य का है, उन लोगों की समस्याओं के निराकरण करने के प्रयास की दिशा में आगे बढ़ने का है, जिन्होंने टाटा नगरी को वैश्विक पहचान दी है. जमशेदपुर पूर्वी के साढ़े तीन लाख लोगों के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई को आवाज देने का है और इसमें एक इंच भी मैं पीछे नहीं हटूंगा. 13 नवंबर को जब आप वोट देने के लिए अपने घरों से निकलें तो जरूर यह सोचें कि बीते 30 सालों में जनप्रतिनिधियों से आपको क्या मिला और आप क्या चाहते हैं. जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार और प्रसिद्ध समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने यह बातें बिरसनगर के विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार को किए गए अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान यह बातें कही.

Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के समस्त वासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं देते और ईश्वर से उनके जीवन के सुख समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं से वह भली भांति परिचित हैं क्योंकि लगभग तीन दशकों की समाजसेवा के दौरान वह बहुत करीब से उन समस्याओं से रूबरू होते रहे हैं और मौका मिलने पर उसके समाधान का भी प्रयास करते रहे हैं लेकिन अब अवसर बड़ी जिम्मेदारी लेकर उसके निराकरण की है और इसके लिए जरूरी है कि 13 नवंबर को भारी से भारी उनके पक्ष में मतदान हो और 23 नवंबर को जमशेदपुर पूर्वी के मतदाता इतिहास को दोहराएं, जब लगातार दूसरी बार निर्दलीय उम्मीदवार यहां से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे.

Dayal Builder
Srinath

मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी क्यों ?

Advertisement

टाटा वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के आमंत्रण पर मंगलवार को जनसंपर्क अभियान के क्रम में बिस्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम पहुंचे समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने पूर्व मजदूर नेता स्व. बी जी गोपाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर यूनियन के दोनों नेताओं ने विधानसभा चुनाव में सभी मजदूरों का समर्थन मिलने का भरोसा दिलाया. इस मौके पर शिवशंकर सिंह ने मजदूरों की समस्याओं को लेकर बड़े बड़े दलों के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि बीते 3 दशकों में मजदूरों का वोट हासिल कर अपनी राजनीतिक प्रभाव को बड़ा करने वालों को जवाब देने का समय आ गया है और इस बार मजदूरों की आवाज विधानसभा में गूंजकर रहेगी.

उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनका नहीं है और न ही वह कोई राजनेता हैं बल्कि जमशेदपुर पूर्वी के बुजुर्गों के बेटा, युवाओं के भाई और साथी बनकर केवल उनकी आवाज बनना चाहते हैं इसलिए यह चुनाव भी यहां की जनता ही लड़ रही है और उनके प्रयास से ही एक बार फिर से यहां इतिहास लिखा जाएगा. जनसंपर्क में कुणाल, रवि, राहुल, गुरुमान सहित कई अन्य लोग शामिल थे.

ताजा खबरें

WhatsApp