जनसंवाद, जमशेदपुर। रेलवे की समयपालन व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और जन विकास मंच के प्रमुख सौरभ विष्णु ने रेलवे जीएम के हालिया आश्वासनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत और अधिकारियों के दावों में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
सौरभ विष्णु ने कहा कि रेलवे की पिछली वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार को मालगाड़ियों के राजस्व में 8 से 10 प्रतिशत तक नुकसान हो रहा है। इसके बाद सभी रेल मंडलों को राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी दबाव के कारण चक्रधरपुर रेल मंडल में मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका सीधा असर यात्री ट्रेनों के संचालन पर पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें: सोना देवी विश्वविद्यालय ने पूरे किए स्थापना के तीन वर्ष, विशेष कार्यक्रम में भविष्य की योजनाओं का हुआ ऐलान
उन्होंने कहा कि रेलवे जीएम पूर्वी सिंहभूम के लोगों को आश्वासन देकर गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पर्याप्त रेलवे पटरियां ही उपलब्ध नहीं हैं, तो मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों का सुचारू संचालन एक साथ कैसे संभव होगा।
सौरभ विष्णु ने कहा कि रेलवे लगातार समयपालन और बेहतर संचालन के दावे कर रहा है, जबकि यात्रियों को आज भी ट्रेनों की लेटलतीफी, रद्दीकरण और परिचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक रेल मार्गों की क्षमता नहीं बढ़ाई जाती और नई रेल लाइनें या अतिरिक्त ट्रैक नहीं बनाए जाते, तब तक स्थिति में व्यापक सुधार संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के कई वर्ग रेल सेवाओं में सुधार और ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन रेलवे की वास्तविक समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा।
सौरभ विष्णु ने कहा कि रेलवे केवल आश्वासन देने के बजाय ट्रैक क्षमता बढ़ाने, लंबित रेल परियोजनाओं को पूरा करने और यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि आम यात्रियों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोग लगातार रेल लेटलतीफी की समस्या से जूझ रहे हैं और अब इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल भी गर्म होने लगा है। विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा रेलवे से जवाब मांगा जा रहा है कि आखिर यात्रियों को समय पर और बेहतर रेल सेवा कब मिलेगी।


















