जनसंवाद, जमशेदपुर। नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस), जमशेदपुर की ओर से शनिवार को एनआईटी सभागार में ‘आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्य’ विषय पर वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 37 बटालियन झारखंड के कमांडेंट कर्नल विनय आहूजा के विशेष आह्वान पर आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में करीब 280 एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था।
प्रशिक्षण का संचालन नागरिक सुरक्षा, जमशेदपुर के अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स एवं चीफ वार्डन अरुण कुमार, डिवीजनल वार्डन कमलकांत सिन्हा तथा एन.बी. चटर्जी ने किया। प्रशिक्षकों ने कैडेट्स को आपदा प्रबंधन के बुनियादी सिद्धांतों के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को आग के विभिन्न प्रकार और उस पर नियंत्रण के उपाय, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), विभिन्न प्रकार की बैंडेज बांधने की तकनीक तथा आपातकालीन स्थिति में जीवन बचाने वाली सीपीआर (CPR) तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से बताया कि दुर्घटना या आपदा की स्थिति में सही समय पर सही कदम उठाकर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षकों ने कहा कि प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षक कौशल सीखना समय की आवश्यकता बन गया है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार एवं संकट की घड़ी में सहायता करने के लिए सक्षम बनाते हैं।
सिविल डिफेंस के अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स को राहत एवं बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें व्यवहारिक रूप से दक्ष बनाना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समाज और प्रशासन की प्रभावी सहायता कर सकें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनसीसी 37 बटालियन, झारखंड के सभी पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अंत में प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।








