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आदित्यपुर : बहू की आत्महत्या के बाद सदमे में परिवार, एक वर्षीय मासूम के भविष्य और परिजनों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, ससुर शिवरतन मछुआ ने आदित्यपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और उचित कानूनी कार्रवाई की लगाई गुहार…

By Balram Panda

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आदित्यपुर / Balram Panda : एक परिवार के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि घर की बहू की असमय मौत हो जाए और पीछे एक साल का मासूम अपनी मां के साये से वंचित रह जाए, सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना के बाद परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया है कि अब ससुराल पक्ष ने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है, मृतका के ससुर शिवरतन मछुआ ने आदित्यपुर थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर कुछ लोगों की ओर से कथित धमकी और प्रताड़ना की आशंका जताई है, उन्होंने पूरे परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है.

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आवेदन के मुताबिक, उनके पुत्र गणपत मछुआ ने 27 जनवरी 2024 को माधुरी मछुआ से प्रेम विवाह किया था। दोनों साथ रह रहे थे और उनका एक वर्षीय पुत्र भी है। शिवरतन मछुआ ने बताया कि तीन नवंबर को पति-पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर कहासुनी हुई थी, परिवार के लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को समझाया और मामला शांत करा दिया, इसके बाद शाम करीब छह बजे माधुरी ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर साड़ी के सहारे फांसी लगा ली, काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने घर का अल्बेस्टर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और उसे फंदे से नीचे उतारा.

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परिजन तत्काल उसे शिवा नर्सिंग होम ले गए, जहां से बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया, हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, सबसे मार्मिक स्थिति उस मासूम की है, जिसने इतनी कम उम्र में अपनी मां को खो दिया.

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इसी बीच शिवरतन मछुआ ने आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के कुछ लोगों की ओर से परिवार को धमकियां दी जा रही हैं, उन्होंने मारपीट और जान-माल को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई है, उनका कहना है कि परिवार पहले से ही दुख और मानसिक तनाव से गुजर रहा है, ऐसे में किसी भी तरह का विवाद या तनाव स्थिति को और कठिन बना सकता है.

हालांकि, इस पूरे मामले में किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, आत्महत्या के कारणों से लेकर आवेदन में लगाए गए धमकी और प्रताड़ना के आरोपों तक, हर पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है, कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि जांच में किसी भी पक्ष की गलती या कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई होनी चाहिए.

शिवरतन मछुआ ने पुलिस प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच में सहयोग करने की बात कही है, अब पुलिस प्रशासन के समक्ष चुनौती है कि संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ सभी पहलुओं की जांच करे, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषी पाए जाने वालों को कानून के दायरे में लाया जा सके, इस कठिन घड़ी में सबसे जरूरी है कि दोनों पक्ष संयम बनाए रखें और कानून को अपना काम करने दें.

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