Advertisement

चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव की पहल से खरसावां शैली छऊ को पहचान दिलाने की कवायद शुरू

By Goutam

Published on:

विधायक

जनसंवाद डेस्क/खरसावां: विभिन्न शैलियों की छऊ गुरुओं की एक बैठक खरसावां अर्जुना स्टेडियम में आयोजित की गई। इस बैठक में चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव के नेतृत्व में खरसावां शैली छऊ नृत्य  की पहचान दिलाने का निर्णय लिया गया।

Advertisement
Advertisement

बता दें कि झारखंड में छऊ की मुख्यतः तीन शैलियां प्रचलित हैं। सरायकेला, मानभूम एवं खरसावां शैली। सरायकेला एवं मानभूम शैली छऊ की तो मान्यता है, परंतु सम्पूर्ण कोल्हान में सबसे अधिक प्रचलित खरसावां शैली छऊ नृत्य की मान्यता न केंद्र सरकार देती है ना राज्य सरकार। विभिन्न छऊ गुरुओं ने इस मामले को विधायक सह छऊ नृत्य के कलाकार सुखराम उरांव के समक्ष अपनी समस्याएं रखी।

Dayal Builder
Srinath

गुरु परमानंद नंदा ने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में प्रचलित इस नृत्य शैली को अभी तक पहचान न मिलना हम सभी कलाकारों के लिए दुखद है। वहीं मानभूम शैली के गुरु प्रभात महतो ने कहा कि संपूर्ण मानभूम क्षेत्र जो शैली प्रचलित है उसे मानभूम शैली छऊ माना जाय न कि पुरुलिया शैली।

Advertisement

गुरु तपन कुमार पटनायक ने कहा कि मजबूती से इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष न रखे जाने के कारण अभी तक खरसावां शैली को मानता नहीं मिल सकी है।कलाकारों ने सरायकेला खरसावां जिले में बंद पड़े तीनों कला केंद्रों को पूर्व व्यवस्था के तहत पुन शुरू करने,  कोल्हन यूनिवर्सिटी के सिलेबस में खरसावां शैली छऊ  की पढ़ाई शुरू करने, खरसावां शैली छऊ का सिलेबस तैयार करने एवं इस शैली को पूर्ण मान्यता देने के लिए कदम उठाने की मांग रखी ।

विधायक ने इस मामले को मुख्यमंत्री एवं विभाग के सामने रखकर समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा की पूर्ण मान्यता  प्राप्त करने के लिए खरसावां शैली छऊ नृत्य कलाकारों का वह पूर्ण सहयोग के साथ उनके संघर्ष में शामिल रहेंगे। इस बैठक में विभिन्न छऊ शैलियों के कई कलाकार एवम गुरु उपस्थित थे।

ताजा खबरें

WhatsApp