आदित्यपुर / Balram Panda : झारखंड आंदोलन में स्वर्गीया रूपी सोरेन का योगदान महत्वपूर्ण रहा, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में परिवार को संभालने के साथ आंदोलनकारी जीवन को मजबूती प्रदान की। यह बातें आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहीं, वे एस-टाइप स्थित होटल राज प्रभा में आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा राजद के पूर्व जिला अध्यक्ष उदित यादव ने की.
पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि रूपी सोरेन केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी ही नहीं थीं, बल्कि झारखंड के अधिकारों की लड़ाई के पीछे खड़ी एक महत्वपूर्ण शक्ति भी थीं, जब शिबू सोरेन गरीबों, आदिवासियों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब रूपी सोरेन ने परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्हें संबल दिया.

उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उनका योगदान भले ही सार्वजनिक मंचों पर सामने नहीं आया, लेकिन त्याग, धैर्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के जरिए उन्होंने संघर्ष की राह को मजबूती दी, उन्होंने अपने परिवार को संस्कार दिए और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखा.
पुरेंद्र ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद अब रूपी सोरेन का बिछड़ना सोरेन परिवार के लिए गहरा आघात है, मां की छत्रछाया खोना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण है। इस दुख की घड़ी में पूरा झारखंड उनके परिवार के साथ खड़ा है.
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीया रूपी सोरेन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। मौके पर उदित यादव, देव प्रकाश, सत्येंद्र प्रभात, संतोष यादव, अधिवक्ता संजय कुमार, अरविंद पासवान, राजेश यादव, प्रिंस कुमार, प्रभास कुमार झा, नंदलाल नायक, संतोष कुमार सिंह, रविशंकर शर्मा, मुकेश गिरी, आरके अनिल और राहुल राय समेत कई लोग मौजूद थे.

















