जनसंवाद, खरसावाँ (उमाकांत कर): विधानसभा में खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने झारखंड विधानसभा में पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड स्थित जर्जर विद्यालय भवनों का मामला उठाया। दिनांक 24 फरवरी 2026 को पूछे गए तारांकित प्रश्न (संख्या–19) के माध्यम से उन्होंने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
किन-किन विद्यालयों का मामला?
विधायक ने सवाल किया कि क्या यह सही है कि चक्रधरपुर प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पासेया, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भरसाकुड़ी, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सिंगीझोरी, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जोंगीडिह तथा प्राथमिक विद्यालय डोंबरा के भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं?
सरकार ने उत्तर में इसे स्वीकारात्मक बताया। सहायक अभियंता, समग्र शिक्षा अभियान, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा जांच में इन भवनों को पूर्णतः जर्जर घोषित किया गया है।
क्या जर्जर भवनों में पढ़ाई सुरक्षित है?
दूसरे प्रश्न के उत्तर में सरकार ने माना कि इन जर्जर भवनों में शिक्षण कार्य कराना सुरक्षित नहीं है।
तीसरे बिंदु पर भी सरकार ने स्वीकार किया कि सुरक्षा की दृष्टि से इन विद्यालयों के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नए भवन निर्माण की आवश्यकता है।
नए भवन निर्माण को लेकर क्या पहल?
सरकार की ओर से बताया गया कि जर्जर भवनों के निर्माण/मरम्मति के लिए डीएमएफटी (DMFT) फंड से प्रस्ताव भेजा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पत्रांक CW/24/25/221(B) दिनांक 13.02.2025 के माध्यम से जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को अनुरोध किया गया है।
साथ ही 22.01.2026 को पत्रांक 75 के माध्यम से उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, डीएमएफटी फंड से पांचों विद्यालयों में दो-दो अतिरिक्त वर्ग कक्षों के निर्माण का अनुरोध किया गया है।
विधायक की मांग
विधायक दशरथ गागराई ने सदन में मांग की कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

















