जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। खरसावां क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस शनिवार को पूरी शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में निकाला गया। जुलूस में विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य, युवाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान पारंपरिक लाठी, डंडा एवं अन्य हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मोहर्रम जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहां विभिन्न स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। अखाड़ा समितियों के युवाओं ने लाठी-डंडा संचालन, पारंपरिक युद्ध कौशल और विभिन्न रोमांचक करतबों का प्रदर्शन कर अपनी कला का परिचय दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
मुस्लिम समुदाय एवं अखाड़ा समिति के सदस्यों ने कहा कि मोहर्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि खरसावां की पहचान हमेशा से सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए रही है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में मिल-जुलकर भाग लेते हैं, जो क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विभिन्न चौक-चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जुलूस के दौरान लगातार निगरानी रखी, जिससे कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।
जुलूस में शामिल लोगों ने सामाजिक एकता, शांति और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। कार्यक्रम के सफल आयोजन ने खरसावां की सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकजुटता की परंपरा को एक बार फिर मजबूत किया।
कार्यक्रम के अंत में अखाड़ा समितियों के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सभी सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों को शांति और भाईचारे के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।








