जनसंवाद, जमशेदपुर। बिहारी के भोजपुर जिला अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा है।
जारी बयान में सौरभ विष्णु ने कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण किया था, तो इसके बाद उनकी पुलिस मुठभेड़ में मौत कैसे हुई। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप होने की स्थिति में उसके दोषी या निर्दोष होने का फैसला न्यायालय करता है, न कि पुलिस।

सौरभ विष्णु ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून और न्याय की प्रक्रिया सर्वोपरि होती है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार होने की सूचना मिलती है, तो इसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि न्यायिक प्रक्रिया से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते थे तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल करते रहे थे। ऐसे में उनकी मौत को लेकर कई तरह की शंकाएं और सवाल उत्पन्न हो रहे हैं, जिनका निष्पक्ष जांच के माध्यम से जवाब मिलना जरूरी है।
सौरभ विष्णु ने मांग की कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का निष्पक्ष रूप से खुलासा हो सके। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी या पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध या नियमों के विपरीत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि भरत भूषण तिवारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई तथा इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने मामले में पारदर्शी जांच और न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।








