होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

टाटा स्टील ने पी एन बोस की 171वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि, जमशेदपुर में आयोजित हुई स्मृति सभा

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

XAVIER PUBLIC SCHOOl
previous arrow
next arrow
04
previous arrow
next arrow

 

जनसंवाद, जमशेदपुर। टाटा स्टील ने प्रख्यात भूवैज्ञानिक और दूरदर्शी विचारक प्रमथ नाथ बोस (पी एन बोस) की 171वीं जयंती पर जमशेदपुर में स्मृति सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (रॉ मटेरियल्स) संदीप कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। सभी ने पी एन बोस को पुष्पांजलि अर्पित कर देश के औद्योगिक और वैज्ञानिक विकास में उनके योगदान को याद किया।

जमशेदपुर में टाटा स्टील की स्थापना में रहा अहम योगदान

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1904 में पी एन बोस द्वारा जमशेदजी नसरवानजी टाटा को मयूरभंज क्षेत्र में लौह अयस्क भंडार को लेकर लिखा गया ऐतिहासिक पत्र आगे चलकर टाटा स्टील की स्थापना का आधार बना। इसी दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप वर्ष 1907 में जमशेदपुर में टाटा स्टील की नींव रखी गई।

वक्ताओं ने कहा कि पी एन बोस केवल एक भूवैज्ञानिक नहीं थे, बल्कि वे वैज्ञानिक सोच, तकनीकी शिक्षा और आत्मनिर्भर भारत के मजबूत समर्थक भी थे। खनिज अन्वेषण और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।

पी एन बोस जियोलॉजिकल सेंटर में विशेष व्याख्यान

इस अवसर पर टाटा स्टील के नेचुरल रिसोर्सेज डिवीजन (NRD) की ओर से पी एन बोस जियोलॉजिकल सेंटर में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें उनके जीवन, भूविज्ञान के क्षेत्र में योगदान और भारत में खनिज अन्वेषण को नई दिशा देने वाली उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि टाटा स्टील लगातार पी एन बोस की विरासत को संरक्षित करने का कार्य कर रही है। पी एन बोस मेमोरियल और जियोलॉजिकल सेंटर देश की भूवैज्ञानिक विरासत और खनन इतिहास को संरक्षित करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं।

समारोह के अंत में टाटा स्टील ने वैज्ञानिक प्रगति, नवाचार, सतत विकास और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में पी एन बोस के विचारों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

 

Leave a Comment