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जमशेदपुर वीमेन्स यूनिवर्सिटी में साइकिल यात्री दीपक शर्मा का सम्मान, 10 हजार किमी की राष्ट्रभक्ति यात्रा को मिला नमन

By Goutam

Published on:

 

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जनसंवाद, जमशेदपुर: जमशेदपुर वीमेन्स यूनिवर्सिटी में एनएसएस विभाग के तत्वावधान में देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना को जन-जन तक पहुँचाने वाले साइकिल यात्री श्री दीपक शर्मा के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। दीपक शर्मा ने साइकिल के माध्यम से पूरे भारतवर्ष का भ्रमण कर युवाओं और आम नागरिकों में देशप्रेम, राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भर भारत का संदेश पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता, साइकिल यात्री श्री दीपक शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. किश्वर आरा एवं कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से दीपक शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने श्री दीपक शर्मा के व्यक्तित्व को पराक्रमी, साहसी और अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि साइकिल द्वारा लगभग 10,000 किलोमीटर की कठिन और अनुशासित यात्रा पूरी करना न केवल असाधारण शारीरिक क्षमता का परिचायक है, बल्कि यह अटूट संकल्प और मानसिक दृढ़ता का भी जीवंत उदाहरण है। उन्होंने श्री शर्मा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके प्रयासों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम के दौरान दीपक शर्मा ने एनएसएस की छात्राओं से संवाद करते हुए अपने जीवन संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वे देश के लिए खेलों में पदक जीतना चाहते थे, लेकिन खेल के दौरान लगी गंभीर चोट के कारण उनका खेल करियर बाधित हो गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और साइकिल यात्रा के माध्यम से देशभक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।

उन्होंने बताया कि उनकी साइकिल यात्रा का उद्देश्य गांव-गांव और शहर-शहर युवाओं को देशभक्ति, राष्ट्रवाद, विकसित भारत के 9 संकल्प, आध्यात्मिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। साथ ही वे अपनी यात्रा के माध्यम से “ऑपरेशन सिंदूर” का संदेश भी जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

 

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